
Vish Yog (शनि–चंद्र योग): मन पर शनि की ठंडी पकड़ का वास्तविक अर्थ
Nov 28, 2025
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How Saturn’s shadow affects the Mind, Emotions and Mental Stability
भारत की वैदिक ज्योतिष परंपरा में चंद्रमा कोमन, भावनाएँ, शांति, संवेदनशीलता और मानसिक गति का ग्रह माना गया है।जबकि शनि का कार्य—धीमा करना, गहराई सिखाना, अनुशासन देना, और कर्म का हिसाब पूरा कराना है।
जब ये दो ऊर्जाएँ टकराती हैं—अर्थात शनि की भारी, ठंडी ऊर्जा मन को दबाने लगती है—तब जन्म लेता है Vish Yog।
यह एक ऐसा योग है जो व्यक्ति को बाहर से तो शांत, समझदार और स्थिर लगता है,पर भीतर एक धीमी, भारी, दर्द-भरी ऊर्जा चलती रहती है।
Vish Yog क्या है?
ज्योतिषीय रूप से Vish Yog तब बनता है जब:
चंद्रमा पर शनि की कठोर दृष्टि हो
चंद्रमा शनि के साथ एक ही भाव में हो
शनि चंद्र राशि को नियंत्रित कर रहा हो
चंद्रमा 6th, 8th या 12th भाव में शनि की छाया में बैठा हो
चंद्रमा कमजोर, पीड़ित या अमावस्या के निकट हो
यह स्थिति धीरे-धीरे मन की गति को धीमा कर देती हैऔर भावनाओं को गहरा, भारी और गंभीर बना देती है।
Vish Yog के मानसिक और भावनात्मक लक्षण
अगर आपकी जिंदगी में ये संकेत दिखाई देते हैं,तो Vish Yog सक्रिय हो सकता है:
1. मन पर लगातार भारीपन
भावनाएँ हल्क ी नहीं होतीं।एक अदृश्य बोझ महसूस होता है।
2. अचानक डर या असुरक्षा
बिना कारण डर का उठना।
3. भावनाओं का दब जाना
व्यक्ति महसूस करता है, पर व्यक्त नहीं कर पाता।
4. गहरी उदासी या ऊर्जा का ठहराव
कामों में रुचि कम होना, उत्साह गायब होना।
5. रिश्तों में दूरी
कम बोलना, बातों का न निकल पाना, गलतफहमी बढ़ना।
6. जिम्मेदा रियों का बोझ
कम उम्र में ही गंभीरता और जिम्मेदारी बढ़ जाना।
7. नींद की समस्या
नींद टूटना, बेचैनी, या mind racing।
8. कामों में देरी और रुकावट
शनि के प्रभाव के कारण हर कार्य धीरे आगे बढ़ना।
Vish Yog क्यों बनता है?
Vish Yog केवल ग्रहों की गणना नहीं है।यह अक्सर गहरे, सूक्ष्म और पिछली जन्मों से जुड़े कारणों से बनता है:
• पिछले जन्म के कर्मिक बोझ
अधूरा कर्म, दर्द, या भावनात्मक कर्ज।
• माता-पिता की ऊर्जा में असंतुलन
मातृ-पक्ष या पितृ-पक्ष में चिंता, तनाव या दबाव।
• गर्भावस्था के समय तनावपूर्ण माहौल
माँ की भावनात्मक स्थिति का चंद्रमा पर प्रभाव।
• जीवन में किसी दुखद घटना का प्रभाव
अचानक झटका, अलगाव या गहरा दर्द।
• शनि का मन पर नियंत्रण
शनि मन को रोकता है ताकि व्यक्ति कर्मों का सामना कर सके।
Vish Yog आत्मा को कमजोर नहीं करता—वह आत्मा को गहराई की ओर ले जाता है।
Vish Yog का जीवन पर प्रभाव
1. मानसिक प्रभाव
चिंता, डर, भारीपन, कम self-expression।
2. भावनात्मक प्रभाव
भावनाएँ भीतर जमा रहना, अचानक फटना या बिल्कुल freeze हो जाना।
3. रिश्तों पर प्रभाव
बात न हो पाना, दूरी, गलतफहमी, भावनात्मक disconnect।
4. करियर पर प्रभाव
देरी, संघर्ष, रुकावट, अचानक गिरावट, जिम्मेदारियों का बोझ।
5. आर्थिक प्रभाव
पैसे का आना–जाना असंतुलित रहना, अचानक खर्च।
6. स्वास्थ्य पर प्रभाव
थकान, नींद की कमी, मानस–तनाव से संबंधित समस्याएँ।
Vish Yog का समाधान
Vish Yog केवल मंत्र पढ़कर शांत नहीं होता।यह एक कर्मिक energy imbalance है—जिसके लिए व्यक्ति-विशेष उपाय जरूरी हैं।
1. चंद्रमा की ऊर्जा को मजबूत करना
– ध्यान– चंद्र श्वास– सोम remedies– दान
2. शनि की ठंडी ऊर्जा को neutral करना
– शनि दान– ऊर्जा संतुलन– karmic release techniques
3. भावनात्मक healing
क्योंकि Vish Yog का सबसे गहरा प्रभाव मन पर होता है।
4. Personalized Astro–Healing
हर व्यक्ति का समाधान अलग होता है,क्योंकि चंद्रमा और शनि की स्थिति हर कुंडली में अलग भूमिका निभाती है।
Who should get Vish Yog Analysis?
यह सत्र उन लोगों के लिए है जो:
मन का भारीपन झेलते हैं
अचानक डर या असुरक्षा महसूस करते हैं
भावनाएँ व्यक्त नहीं कर पाते
बार-बार उदासी या ठहराव महसूस करते हैं
रिश्तों में दूरी आ जाती है
खुद को अकेला या misunderstood महसूस करते हैं
निर्णय लेने में कठि नाई होती है
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Guided by: Acharya Manisha Agarwal Vedic & Spiritual Astrologer | Occult Science Specialist | WhatsApp: 9830389477 | www.numerojyotish.in






