अंगारक योग (Angarak Yog): मंगल और राहु का प्रबल संयोग
- Manisha Agarwal
- Dec 17, 2025
- 3 min read

आक्रामकता, अचानक नुकसान और जीवन में उथल-पुथल का संकेत
अंगारक योग वैदिक ज्योतिष का एक अत्यंत प्रभावशाली और संवेदनशील योग माना जाता है। जब मंगल (Mars) और राहु (Rahu) एक ही राशि या भाव में युति बनाते हैं, तब अंगारक योग का निर्माण होता है।यह योग व्यक्ति के स्वभाव, निर्णय क्षमता, करियर, धन और रिश्तों पर गहरा प्रभाव डालता है।
अंगारक योग क्या है
मंगल ऊर्जा, साहस, क्रोध, रक्त और क्रिया का कारक ग्रह है
राहु भ्रम, अचानक घटनाएँ, लालच, छल और अस्थिरता का प्रतिनिधित्व करता है
इन दोनों ग्रहों की युति से उत्पन्न ऊर्जा तीव्र और अनियंत्रित हो जाती है, जिससे जीवन में संघर्ष, जल्दबाज़ी और अप्रत्याशित परिस्थितियाँ उत्पन्न होती हैं। इसी कारण इसे अंगारक अर्थात जलते अंगारों के समान प्रभाव वाला योग कहा गया है।
अंगारक योग के प्रमुख नकारात्मक प्रभाव
अत्यधिक आक्रामकता
छोटी बातों पर क्रोध आ जाना
शब्दों और कार्यों में कठोरता
झगड़े और विवाद की प्रवृत्ति
अचानक नुकसान
धन हानि या निवेश में घाटा
व्यवसाय में अचानक रुकावट
नौकरी में विवाद या अचानक परिवर्तन
कानूनी समस्याएँ
दुर्घटना और शारीरिक चोट
सड़क दुर्घटना का योग
ऑपरेशन या चोट की संभावना
आग, मशीन या धारदार वस्तुओं से नुकसान
मानसिक अशांति
बेचैनी और तनाव
नींद की कमी
नकारात्मक सोच
जल्दबाज़ी में लिए गए निर्णयों का पछतावा
किस भाव में अंगारक योग अधिक हानिकारक होता है
प्रथम भाव: गुस्सा, अहंकार, स्वास्थ्य समस्या
चतुर्थ भाव: पारिवारिक अशांति, माँ से तनाव
षष्ठ भाव: शत्रु, कोर्ट केस, रोग
सप्तम भाव: वैवाहिक विवाद, अलगाव
अष्टम भाव: अचानक दुर्घटना, गुप्त शत्रु
दशम भाव: करियर में विवाद, बदनामी
अंगारक योग और करियर एवं धन
अंगारक योग व्यक्ति को जोखिम लेने की ओर प्रेरित करता है।ऐसे जातक शॉर्टकट अपनाने, जल्द निर्णय लेने और गलत लोगों पर भरोसा करने की प्रवृत्ति रखते हैं।शेयर मार्केट, पार्टनरशिप बिज़नेस और रियल एस्टेट में विशेष सावधानी आवश्यक होती है।
रिश्तों पर अंगारक योग का प्रभाव
रिश्तों में प्रभुत्व दिखाने की प्रवृत्ति
शक और अविश्वास
भावनात्मक दूरी
बार-बार झगड़े और ब्रेकअप की संभावना
यदि कुंडली में अन्य दोष भी जुड़े हों, तो यह योग विवाह में देरी या अलगाव का कारण बन सकता है।
अंगारक योग कब अधिक सक्रिय होता है
मंगल या राहु की महादशा, अंतरदशा या प्रत्यंतर दशा में
गोचर में मंगल-राहु की युति या दृष्टि के समय
जब मंगल या राहु नीच स्थिति में हों
अंगारक योग के शांति उपाय
मंगल शांति उपाय
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा
हनुमान चालीसा का नियमित पाठ
लाल मसूर, गुड़ और तांबे का दान
राहु शांति उपाय
शनिवार को काल भैरव या दुर्गा माता की उपासना
काले तिल और नीले वस्त्र का दान
नशा, झूठ और छल से दूर रहना
विशेष सुझाव
अंगारक योग के लिए सामान्य उपाय सभी पर समान रूप से प्रभावी नहीं होते।कुंडली के अनुसार मंत्र, यंत्र, रत्न और 40-दिवसीय व्यक्तिगत रेमेडियल प्लान अधिक प्रभावी सिद्ध होता है।
क्या अंगारक योग हमेशा नकारात्मक होता है
नहीं।यदि मंगल शुभ स्थिति में हो और व्यक्ति अनुशासन, सेवा और सही दिशा में ऊर्जा का उपयोग करे, तो यही योग साहस, नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक शक्ति, तकनीकी क्षेत्र और रक्षा सेवाओं में उच्च सफलता प्रदान कर सकता है।
निष्कर्ष
अंगारक योग जीवन में चेतावनी देता है कि क्रोध, जल्दबाज़ी और गलत निर्णयों पर नियंत्रण आवश्यक है।सही ज्योतिषीय मार्गदर्शन और व्यक्तिगत उपायों से इसके नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक संतुलित किया जा सकता है।
यदि आपकी कुंडली में मंगल और राहु की युति है, तो समय रहते उसका विश्लेषण और समाधान अत्यंत आवश्यक है।
व्यक्तिगत अंगारक योग विश्लेषण हेतु
Acharya Manisha Agarwal
Certified Vedic Astrologer, Vedic Numerologist
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