
बंधन योग (Bandhan Yog): जब जीवन एक ही चक्र में फँसा हुआ लगे
Dec 23, 2025
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क्या आपके जीवन में ऐसा बार-बार हो रहा है कि
मेहनत के बावजूद परिणाम नहीं मिलते?
रिश्ते, करियर या धन — हर जगह वही पैटर्न दोहरता है?
हर बार लगता है “अब सब ठीक होगा”, लेकिन फिर वही रुकावट?
ज्योतिष में इस अवस्था को बंधन योग (Bandhan Yog) कहा जाता है।यह योग व्यक्ति को अदृश्य बंधनों में बाँध देता है — जहाँ जीवन आगे बढ़ता हुआ नहीं लगता, बल्कि एक ही चक्र में घूमता रहता है।
बंधन योग क्या है? (What is Bandhan Yog)
बंधन योग कुंडली का वह विशेष योग है जिसमें व्यक्ति
कर्म तो करता है
प्रयास भी करता है
लेकिन फल बार-बार रुक जाता है
यह योग संकेत देता है कि व्यक्ति किसी अधूरे कर्म, पुराने ऋण, या अस्वीकृत सीख के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहा।
बंधन योग अक्सर यह दर्शाता है कि
जीवन आपको रोक नहीं रहा — वह आपको कुछ समझाना चाहता है।
बंधन योग के प्रमुख ज्योतिषीय कारण
बंधन योग किसी एक ग्रह से नहीं, बल्कि ग्रहों के संयोजन से बनता है। मुख्य कारण हो सकते हैं:
1. शनि की कठोर पकड़
शनि का लग्न, चंद्र या दशम भाव पर प्रभाव
व्यक्ति को “कर्तव्य” में बाँध देता है
स्वतंत्र निर्णय में डर और देरी लाता है
2. राहु-केतु का कर्मिक जाल
राहु भ्रम देता है — “बस थोड़ा और”
केतु विरक्ति देता है — “अब कुछ भी नहीं चाहिए”
परिणाम: व्यक्ति बीच में अटक जाता है
3. द्वादश भाव का सक्रिय होना
प्रयास का क्षय
ऊर्जा का रिसाव
व्यक्ति देता बहुत है, पाता कम है
4. बार-बार वही ग्रह दशा
एक ही ग्रह की महादशा/अंतर्दशा में समान अनुभव
संकेत: आत्मिक पाठ अधूरा है
बंधन योग के जीवन में दिखने वाले संकेत
यदि कुंडली में बंधन योग सक्रिय है, तो व्यक्ति अक्सर यह अनुभव करता है:
❖ हर काम शुरू होकर बीच में रुक जाता है
❖ रिश्तों में वही दर्द दोहरता है
❖ करियर में बार-बार ब्रेक या रिजेक्शन
❖ आत्मविश्वास होते हुए भी निर्णय नहीं ले पाता
❖ “मेरे साथ ही ऐसा क्यों?” का भाव
यह योग व्यक्ति को बाहरी नहीं, अंदरूनी कैद में रखता है।
बंधन योग क्यों बनता है? (Karmic Reason)
बंधन योग दंड नहीं है।यह कर्मिक स्मरण है।
अक्सर यह योग तब बनता है जब:
आपने पहले किसी जिम्मेदारी से भागा हो
किसी रिश्ते को आधे मन से जिया हो
शक्ति का दुरुपयोग किया हो
या स्वयं को भूलकर दूसरों को प्राथमिकता दी हो
जीवन अब वही स्थिति बार-बार लाकर पूछता है:“अब क्या तुम समझे?”
बंधन योग और बार-बार होने वाली असफलताएँ
बंधन योग की सबसे बड़ी पहचान है —👉 Repeating Failures
अलग-अलग लोग
अलग-अलग स्थान
लेकिन वही कहानी
इसका अर्थ है कि समस्या बाहर नहीं, अंदर के पैटर्न में है।
जब तक चेतना नहीं बदलती,परिस्थिति नहीं बदलती।
बंधन योग का आध्यात्मिक संदेश
बंधन योग आपको यह सिखाता है कि:
नियंत्रण छोड़ना सीखें
धैर्य को कमजोरी न समझें
आत्म-सम्मान और सीमाएँ तय करें
हर रिश्ते में खुद को खोना प्रेम नहीं है
यह योग आपको आंतरिक मुक्ति की ओर ले जाता है —यदि आप उसका संकेत समझ लें।
बंधन योग के लिए ज्योतिषीय उपाय (बिना डर, बिना अंधविश्वास)
बंधन य ोग का समाधान केवल उपायों से नहीं, दृष्टि परिवर्तन से होता है।
✔ शनि संतुलन
नियमित दिनचर्या
अधूरे काम पूरे करना
“ना” कहना सीखना
✔ राहु-केतु शांति
ध्यान और मौन
अति-अपेक्षाओं से दूरी
एक समय में एक लक्ष्य
✔ कर्मिक उपचार
सेवा (विशेषकर बिना नाम-यश की)
क्षमा — स्वयं को और दूसरों को
पुराने अपराध-बोध को छोड़ना
कब टूटता है बंधन योग?
बंधन योग तब टूटता है जब:
व्यक्ति प रिस्थितियों से लड़ना छोड़कर
स्वयं को समझना शुरू करता है
जैसे ही सीख पूरी होती है,ग्रह स्वतः रास्ता खोल देते हैं।
अंतिम सत्य
बंधन योग जीवन की सजा नहीं —जीवन की दीक्षा है।
यह योग आपको तोड़ने नहीं,आपको जगाने आता है।
जब आप चक्र समझ लेते हैं,तो वही चक्रमोक्ष का द्वार बन जाता है।
यदि आपके जीवन में भी“अटकाव, दोहराव और थकान” लगातार बनी हुई है,तो संभव है आपकी कुंडली में बंधन योग सक्रिय हो।
सही समय पर सही समझ इस योग को बंधन से मुक्ति में बदल सकती है।
Acharya Manisha Agarwal
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